लम्बर स्पोंडिलोसिस: लक्षण और कारण

लम्बर स्पोंडिलोसिस: लक्षण और कारण

लम्बर स्पोंडिलोसिस क्या है?

लम्बर स्पोंडिलोसिस कमर के जोड़ों (मेरुदंड के सम्बंधित हिस्से) में आम, उम्र सम्बन्धी ह्रास को समझाने के लिए उपयोग किया जाने वाला चिकित्सीय शब्द है। इस क्षेत्र के भंगुर होने की संभावना अधिक होती है क्योंकि कमर शरीर के सीधे खड़े होने की स्थिति को और झुकने और मुड़ने वाली अलग-अलग प्रकार की कई गतियों को सहायता देती है और इसके साथ ही यह इतने अधिक वजन को वहन करने में भी सहायक होती है।

हमारी मॉडर्न लाइफस्टाइल में कुछ बीमारियां ऐसी हैं जो लंबे समय तक हमारा साथ नही छोड़ती। जिनमें से एक है स्पोंडिलोसिस की बीमारी। स्पोंडिलोसिस को हम स्पॉन्डिलाइटिस के नाम से भी जानते है।स्पोंडिलोसिस दो यूनानी शब्द ‘स्पॉन्डिल’ तथा ‘आइटिस’ से मिलकर बना है। स्पॉन्डिल का अर्थ है वर्टिब्रा तथा ‘आइटिस’ का अर्थ सूजन होता है इसका मतलब वर्टिब्रा यानी रीढ़ की हड्डी में सूजन की शिकायत को ही स्पॉन्डिलाइटिस कहा जाता है। इसमें पीड़ित को गर्दन को दाएं- बाएं और ऊपर-नीचे करने में काफी दर्द होता है। स्पोंडिलोसिस की समस्या आम तौर पे स्पाइन यानी रीढ़ की हड्डी को प्रभावित करती है। स्पोंडिलोसिस रीढ़ की हड्डियों की असामान्य बढ़ोत्तरी और वर्टेबट के बीच के कुशन में कैल्शियम की कमी और अपने स्थान से सरकने की वजह से होता है।

लक्षण

  • कमर, कूल्हे या पैर में दर्द।
  • कमर की गति का सीमित या रोक के साथ होना, खासकर सुबह के समय और आराम की अवधि के पश्चात।
  • दर्द के कारण नींद में व्यवधान।
  • पैर या पंजे में पिन और सुइयाँ चुभना या अनुभूति की हानि होना।
  • अधिक गंभीर मामलों में पैर या पंजे में कमजोरी आना।
  • पीठ में जकड़न खासकर सुबह के समय।

कारण

लम्बर स्पोंडिलोसिस के सबसे आम कारणों में हैं:
  • जीवनशैली : विशिष्ट दक्षता का कार्य करने वाले व्यक्तियों जैसे कंप्यूटर के सम्मुख कार्य करने वाले या वाहन चलाने वालों में।
  • बार-बार लगने वाली चोट या खिंचाव।
  • आयु : 40 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों में रोग उत्पन्न होने की अधिक संभावना होती है।
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    • भोजन में पोषक तत्वों, कैल्शियम और विटामिन डी की कमी के कारण हड्डियों का कमजोर हो जाना हीस्पोंडिलोसिस होने का सबसे बड़ा कारण है।
    • बैठने या खड़े रहने का गलत तरीका आपको स्पोंडिलोसिस की समस्या का सामना करवा सकता है।
    • बढ़ती उम्र भी एक एहम कारण है स्पोंडिलोसिस होने का।
    • मसालेदार, ठंडी या बासी चीजों को खाने से भी स्पोंडिलोसिस हो सकता है।
    • आलस्य से भरी जीवनशैली आपको आगे चलके स्पोंडिलोसिस की परेशानी दे सकती है।
    • लंबे समय तक ड्राइविंग करना भी खतरनाक साबित हो सकता है।
    • महिलाओं में अनियमित पीरियड्स आना भी एक बड़ी वजह बन सकता है स्पोंडिलोसिस होने का।
    • उम्र बढ़ने के साथ हड्डियों का क्षय होना भी एक कारण है ,अक्सर फ्रैक्चर के बाद भी हड्डियों में क्षय की स्थिति होने लगती है।

आराम पाने के अन्य तरीके

  • पौष्टिक भोजन खाएं, विशेषकर ऐसा भोजन जो कैल्शियम और विटामिन डी से भरपूर हो।
  • चाय और कैफीन का सेवन कम करें।
  • पैदल चलने की कोशिश करें। इससे बोन मास बढ़ता है और शारीरिक रूप से एक्टिव रहें।
  • नियमित रूप से व्यायाम और योग करें।
  • हमेशा आरामदायक बिस्तर पर सोएं। इस बात का ध्यान रखें कि बिस्तर न तो बहुत सख्त हो और न ही बहुत नर्म।
  • स्पोंडिलोसिस से पीड़ित लोग गर्दन के नीचे या पैरो के नीचे तकिया रखने की आदत से बचें। 

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